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लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
यदि आपको à¤à¥€ तेज à¤à¥‚ख लगती है और आपका वजन घट रहा है तो लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर हो सकता है। लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर के अनà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ जानने के लिठइस लेख को पढ़ें।
कैंसर à¤à¤• जानलेवा रोग है। यदि इसके शà¥à¤°à¥‚आती चरण में ही इसका उपचार न किया जाये तो यह आपके जीवन के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। इसलिठकैंसर की जलà¥â€à¤¦ से जलà¥â€à¤¦ जांच और फिर इसके निदान के लिठउपचार बहà¥à¤¤ जरूरी है। यूं तो कैंसर के कई पà¥à¤°à¤•ार होते हैं। कैंसर के अलग- अलग पà¥à¤°à¤•ार में से ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर।लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसरलिमà¥â€à¤« à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ होता है जो शरीर की धमनियों के जरिठऊतकों में संचारित होता है। यह ऊतकों को साफ करता है और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मजबूत बनाता है। लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ लसिका तंतà¥à¤° के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ फिलà¥â€à¤Ÿà¤° हैं। इनका काम वैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस, कैंसर सेल और अनà¥â€à¤¯ अनचाहे पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को धमनियों में जाने से रोकना और शरीर को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना होता है।
कà¥â€à¤¯à¤¾ है लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸
लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ मानव शरीर में गà¥à¤°à¤‚थâ€à¤¿ के तरह शरीर में मौजूद छोटे-छोटे बीज के आकार के फिलà¥â€à¤Ÿà¤° होते हैं। ये ऊतकों से घिरे हà¥à¤ होते हैं और ये लसिका तंतà¥à¤° के साथ ही पूरे शरीर में पाà¤à¤‚ जाते हैं। जब लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ सामानà¥â€à¤¯ रूप से काम करते हैं तो ये शरीर में मौजूद लिमà¥â€à¤« फà¥à¤²à¥‚ड से बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और विषैले ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ को अलग कर देते हैं।
जब लसिका तंतà¥à¤° पर कैंसर का खतरा होता है तो इसका असर लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ पर पड़ता है और कैंसर से पीडि़त मरीज में इससे संबंधित à¤à¤• या फâ€à¤¿à¤° इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं। लिमà¥â€à¤« नोड कैंसर को दो कैटेगरी में बांटा जा सकता हैं होडगà¥â€à¤•िन डिसीज और नॉन होडगà¥â€à¤•िन डिसीज। हालांकि दोनों के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• जैसे ही होते हैं। आगे बात करते हैं लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ के बारें में।
नोडà¥à¤¸ का सूजना
लिमà¥â€à¤« नोड कैंसर का सबसे पहला लकà¥à¤·à¤£ यह है कि इसकी शà¥à¤°à¥‚आत में लसिका गà¥à¤°à¤‚थâ€à¤¿ पर सूजन आने लगती है। शरीर में जहां पर लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ सà¥à¤•िन के नजदीक होते हैं, वहां पर मोटा होने लगता है। उदाहरण के लिठलिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ गले की तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के पास होते हैं। शà¥à¤°à¥‚आती लकà¥à¤·à¤£ के तौर पर गले की à¤à¤• साइड में गोलाकार आकृति बनकर उà¤à¤° जाती है। कई बार देखने में तो इसका पता चलता है लेकिन छूने पर पता नहीं चलता।
दरà¥à¤¦à¤²à¤¿à¤®à¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर की शà¥à¤°à¥‚आत में अकà¥â€à¤¸à¤° सूजे हà¥à¤ लिमà¥â€à¤« नोड के आस-पास के à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होता है। यह दरà¥à¤¦ अलà¥â€à¤•ोहल के सेवन के बाद बढ़ सकता है। जैसे-जैसे कैंसर का असर बढ़ता है, वैसे ही यह जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है।
à¤à¥‚ख लगना और वजन कम होना
लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर के मरीज को बहà¥à¤¤ तेज à¤à¥‚ख लगती है। कैंसर की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के बाद जैसे-जैसे इसका असर बढ़ता है तो मरीज का वजन घटने लगता है। हालांकि इस तरह का लकà¥à¤·à¤£ और à¤à¥€ कई बीमारियों में पाया जाता है। इसलिठवजन घटने पर फिजीशियन से सलाह लें आपको अनà¥â€à¤¯ कोई रोग à¤à¥€ हो सकता है।
अनà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
सूजन, दरà¥à¤¦ और वजन कम होने के अलावा लिमà¥â€à¤« नोडà¥à¤¸ कैंसर के मरीज को सामानà¥â€à¤¯ वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आलस आता है। साथ ही इसके मरीज को हलà¥â€à¤•ा बà¥à¤–ार à¤à¥€ रहता है और उसे रात में ठंड लगती है। कà¥à¤› मरीजों को शरीर पर खà¥à¤œà¤²à¥€ की à¤à¥€ शिकायत रहती है। इसमें खà¥à¤œà¤²à¥€ कम करने वाली कà¥à¤°à¥€à¤® से à¤à¥€ राहत नहीं मिलती। इसके अलावा कà¥à¤› मरीजों की छाती में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की शिकायत रहती है।
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